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Friday, May 16, 2014

Bjp Posters Just A Day Before Election Results

 गुरुवार की देर रात राजधानी के चौक-चौराहों पर आनन-फानन में होर्डिंग उतारने और लगाने की आपाधापी मची हुई थी। भाजपा के नेता और कार्यकर्ता बड़े-बड़े होर्डिंग्स के माध्यम से 'लीजिए आ गई मोदी सरकार' के नारे बुलंद कर रहे थे।
 मतगणना के पहले ही 'लीजिए आ गई मोदी सरकार', हर चौराहे पर लगे होर्डिंग

होर्डिंग में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के साथ अपनी-अपनी तस्वीरें लगाने की होड़ मची हुई थी। फिरायालाल चौक पर लगे होर्डिंग्स लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए थे।
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Wednesday, May 14, 2014

IIT जाने का सपना टूटा तो IGNOU से की पढ़ाई, Microsoft से 5 करोड़ का ऑफर

हालात से हार नहीं मान लगातार आगे बढ़ने के जज्‍बे की एक और मिसाल सामने आई है। हरियाणा के कुरुक्षेत्र के नीमवाला गांव के निवासी विरेंदर रायका को दुनिया की जानी-मानी सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने करीब 5 करोड़ रुपए का सालाना पैकेज ऑफर किया है। विरेंदर ने इग्‍नू से बीटेक किया है। गौरतलब है कि उनका सपना आईआईटी से पढ़ने का था, लेकिन गरीबी की वजह से वह आईआईटी में दाखिला नहीं ले सके थे। विरेंदर ने एंटी हैकिंग सॉफ्टवेयर डेवलप कर दुनिया को अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। माइक्रोसॉफ्ट के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट पीटर केलिन की ओर से विरेंदर को जारी ऑफर लेटर में ज्वॉइनिंग के लिए 4 दिसंबर, 2014 तक का वक्‍त दिया गया है।


विरेंदर ने 2010 में आईआईटी के लिए क्वालिफाइ किया था। लेकिन घर की खराब आर्थिक स्थिति के कारण उन्‍हें अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी। विरेंदर ने फिर 2011 में इग्नू में एडमिशन लिया। इसके बाद वह ट्यूशन पढ़ाकर अपनी पढ़ाई का खर्चा निकालते रहे।
गौरतलब है कि माइक्रोसॉफ्ट ने दिसंबर 2013 में उन्‍हें 1.12 करोड़ रुपए का पैकेज ऑफर किया था, लेकिन वह ज्‍वॉइन करने को राजी नहीं हुए। बाद में 2014 में इसी कंपनी ने दोबारा उन्‍हें 4.85 करोड़ रुपए का ऑफर किया।

वाजयेपी से बड़े नेता बन जाएंगे माेदी? जानें दोनों के काम के तरीके में क्‍या है फर्क

चुनाव बाद हुए एग्जिट पोल के नतीजों के लिहाज से एनडीए को बहुमत मिलने और नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के पूरे आसार हैं। पोल की मानें तो 2014 में मोदी की अगुवाई में बीजेपी अपने चुनावी इतिहास में सबसे ज्यादा सीटें जीत सकती है। इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि मोदी के नेतृत्व में बीजेपी अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में लड़े गए 1998 के आम चुनाव के अपने अब तक के सबसे बेहतरीन आंकड़ों (182 लोकसभा सीट) को भी पार कर जाएगी। तो क्या मोदी बीजेपी के सबसे बड़े नेता बनने की तरफ कदम बढ़ा चुके हैं? क्या वह पूर्व प्रधानमंत्री और बीजेपी के अब तक के सबसे बड़े नेता माने गए अटल बिहारी वाजपेयी से भी ज्‍यादा कद्दावर साबित हो सकते हैं?

बीजेपी के भीतर पार्टी के सबसे कद्दावर नेता माने गए वाजपेयी की छवि 'विकास पुरुष' की तो उनके समकालीन नेता आडवाणी की छवि 'लौह पुरुष' की मानी जाती रही है। लेकिन मोदी के समर्थक कहते हैं कि उनके नेता टू-इन-वन हैं। समर्थकों की नजरों में मोदी विकास पुरुष भी हैं और लौह पुरुष भी। सपा के पूर्व हाई प्रोफाइल नेता और आरएलडी के टिकट पर फतेहपुर सीकरी से इस बार का लोकसभा चुनाव लड़ रहे अमर सिंह मोदी के बारे में कहते हैं, 'मोदी में अटल, आडवाणी और प्रमोद महाजन की छवि नजर आती है।' फिलहाल हम मोदी और वाजपेयी की तुलना उनकी शख्सियत और कामकाज के तरीके से कर सकते हैं।

अमेठी में बड़ी जीत को तरसेंगे राहुल गांधी, संभालेंगे विपक्ष के नेता की कुर्सी?

 चुनाव के बाद हुए एग्जिट पोल के मुताबिक, नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में एनडीए की सरकार तय मानी जा रही है। वहीं सत्ता से बेदखल होती दिख रही कांग्रेस ने अपने उपाध्यक्ष राहुल गांधी के लिए अगली भूमिका तकरीबन तय कर ली है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस ने राहुल को लोकसभा में विपक्ष का नेता बनाना लगभग तय कर लिया है। बता दें कि राहुल पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वह तीसरे मोर्चे को समर्थन देने के बजाय विपक्ष में बैठना ज्यादा पसंद करेंगे। कांग्रेस सूत्रों की मानें तो इसी बयान के साथ राहुल को विपक्ष का नेता बनाने की पृष्ठभूमि तैयार कर ली गई थी।

दूसरी तरफ, राहुल गांधी की इस बार अमेठी से जीत कमजोर पड़ सकती है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, राहुल की तीसरी बार जीत तो तय है, लेकिन वोट मार्जिन काफी कम हो सकता है। उधर, कांग्रेस नेताओं ने राहुल को हार की जिम्मेदारी से बचाने के लिए बयानबाजी तेज कर दी है। उनका कहना है कि जो भी जनमत आएगा वो सरकार के कामकाज पर निर्भर होगा, न कि पार्टी के प्रदर्शन पर।

जेटली, सिब्बल और माकन समेत कई दिग्‍गज हार सकते हैं चुनाव

लोकसभा चुनाव खत्‍म होने के बाद हर किसी की नजर 16 मई यानी नतीजे आने के दिन पर है। जनता जहांयह जानने को उत्‍सुक है कि किस पार्टी को कितनी सीटें मिलेंगी, वहीं लोगबाग यह भी देखना चाहेंगे कि इस चुनाव में कौन-कौन से दिग्‍गज नेता अपनी सीट बचा पाते हैं और कौन नहीं। इस बात की एक झलक एबीपी-नीलसन के एग्जिट पोल में दिखाई देती है। इस पोल के मुताबिक, इस बार कांग्रेस के कई बड़े नेता चुनाव हार जाएंगे। इनमें कपिल सिब्‍बल, अजय माकन और श्रीप्रकाश जायसवाल जैसे बड़े नाम हैं। दूसरी तरफ, आम आदमी पार्टी के बड़े नेता भी जीतते हुए नहीं दिख रहे हैं। चाहें वाराणसी सीट से अरविंद केजरीवाल हों या फिर अमेठी से कुमार विश्‍वास। उत्‍तर प्रदेश, बिहार, मध्‍य प्रदेश जैसे राज्‍यों की हॉट सीटों के बारे में क्‍या कहता है एबीपी-नीलसन का यह एग्जिट पोल, जानते हैं: 

उत्‍तर प्रदेश की अन्‍य प्रमुख सीटों में बागपत से राष्ट्रीय लोक दल के अजित सिंह हारते हुए बताए जा रहे हैं। उधर, मथुरा सीट से अजित सिंह के बेटे जयंत चौधरी भी हारते हुए दिख रहे हैं। इस सीट से बीजेपी की हेमा मालिनी लोकसभा में जा सकती हैं। सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव की आजमगढ़ सीट से जीत भी निश्चित नहीं है।

मोदी को PM नहीं बनने देना है इन 10 नेताओं का मकसद,

लोकसभा चुनाव खत्म हो चुके हैं और अब बस नतीजों का इंतजार है। तमाम एग्जिट पोल की मानें तो नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत आसानी से हासिल कर लेगा। हालांकि, मोदी की राह इतनी आसान नहीं, जितनी दिख रही है। भारतीय राजनीति में ऐसे कई धुरंधर हैं, जो मोदी का रास्‍ता रोकने के लिए हर मुमकिन कोशिश करेंगे।

कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस पार्टी की कमान पूरी तरह अपने हाथ में रखी। इन चुनावों में लड़ाई भी स्पष्ट तौर पर कांग्रेस और भाजपा के बीच ही थी, तो निश्चित तौर पर कांग्रेस और राहुल गांधी कतई नहीं चाहेंगे कि भाजपा या मोदी सरकार बनाने में कामयाब हो जाएं। राहुल गांधी ने तीसरे मोर्चे की सरकार बनने की संभावना पर समर्थन न देने की बात भले ही कही है, लेकिन अतीत में यह पार्टी ऐसा करती आई है। इसके अलावा, पूरे चुनावी कैंपेन में बीजेपी के पीएम पद के प्रत्‍याशी नरेंद्र मोदी ने राहुल गांधी को खास तौर पर निशाना बनाया। ऐसा करके मोदी ने खुद राहुल को अपना सीधा प्रतिद्वंद्वी बना लिया है। ऐसे में राहुल मोदी को रोकने के लिए हर मुमकिन कोशिश करेंगे, यह मानने में कोई संदेह नहीं होना चाहिए।
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Monday, May 12, 2014

विनीत महाजन मामला: हमले की निष्पक्ष जांच को हाईकोर्ट में याचिका दायर

एडवोकेट विनीत महाजन पर शनिवार को हुए जानलेवा हमले के विरोध में बार एसोसिएशन ऑफ अमृतसर ने सोमवार को हड़ताल कर काम ठप रखा। वहीं, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर वकीलों की सुरक्षा की मांग की। याचिका में जोशी को प्रतिवादी बनाया गया है। इसमें कहा गया कि गोरसी के खिलाफ अमृतसर के व्यापारी राकेश भारद्वाज पर हमले की जांच के मामले में दर्ज एफआईआर की जांच निष्पक्ष एजेंसी के निर्देश दिए जाएं। 

विनीत महाजन और संदीप गोरसी की ओर से जोशी के खिलाफ दो केस और होटल की इमारत तोडऩे के तहत अलग से केस दर्ज करवाया गया था। इस पर जोशी के खिलाफ वारंट जारी किए हैं। इसमें अग्रिम जमानत के लिए जोशी ने सेशन कोर्ट में एप्लीकेशन दायर की थी, लेकिन हड़ताल के चलते अदालत की ओर से मामले पर सुनवाई के लिए 13 मई की तारीख तय की गई है।

लंबित आईपीएस पोन्नूचामी जेल को मिली जमानत

दारा एनकाउंटर केस में गिरफ्तार आईपीएस अफसर व तत्कालीन आईजी ए. पोन्नूचामी जयपुर सेंट्रल जेल से एक माह की जमानत पर बाहर आ गए। हाईकोर्ट के आदेश के बाद पोन्नूचामी सोमवार दोपहर 12:30 बजे जेल से बाहर आए।
जेल से बाहर आते ही पोन्नूचामी ने मुख्य द्वार के ऊपर लगी गणेश प्रतिमा को नमन किया।
सीबीआई ने दारा सिंह एनकाउंटर केस में ए पोन्नूचामी को मई 2011 में गिरफ्तार किया था। पोन्नूचामी तब से जेल में ही थे। पोन्नूचामी के खिलाफ कोर्ट ने 25 अगस्त 2011 को आरोप तय किए थे।

शुक्रवार को हाईकोर्ट के न्यायाधीश महेश चन्द्र शर्मा ने पोन्नूचामी को दो लाख रुपए के व्यक्तिगत मुचलके और दो-दो लाख रुपए की दो जमानतों पर अंतरिम जमानत दी थी। अंतरिम जमानत अर्जी में पोन्नूचामी ने कहा कि उनकी मां संगु मुत्थामल कैंसर से पीडि़त हैं और चेन्नई के अपोलो अस्पताल में भर्ती हैं। उनकी रेडियो थेरेपी चल रही है और मुझसे मिलना चाहती हैं। पोन्नूचामी की ओर से उनकी मां के इलाज से संबंधित दस्तावेज पेश किए गए।

नेताओं के बीच संजीव सक्सेना ने किया सरेंडर, 17 तक रिमांड पर

 संजीव सक्सेना को अदालत में सरेंडर कराने के लिए बड़ी संख्या में कांग्रेस के नेता भी कोर्ट में पहुंचे थे। संजीव सक्सेना 12.35 बजे कोर्ट पहुंचे थे लेकिन कांग्रेस जिला अध्यक्ष पीसी शर्मा, निगम परिषद अध्यक्ष कैलाश मिश्रा और पूर्व महापौर विभा पटेल आधा घंटा पहले से सक्सेना के समर्थन में पहुंच गए थे। 
 
सक्सेना को जब कोर्ट रूम में लाया गया तो ये नेता भी सीजेएम कोर्ट के अंदर बेंच पर जाकर बैठ गए। सक्सेना के पीछे उनके समर्थक भी अदालत के अंदर पहुंच गए थे। सीजेएम पंकज सिंह माहेश्वरी ने जब इन लोगों की मौजूदगी पर आपत्ति की तो सभी को कोर्ट रूम से बाहर जाने को कह दिया गया।  

सीजेएम ने संजीव की ओर देखते हुए आदेश दिया, कटघरे में खड़े हो जाओ। इसके बाद वह कटघरे के अंदर चला गया। संजीव के वहां पहुंचने से  पहले ही उनकी पत्नी और भाई सीजेएम कोर्ट की बेंच पर जाकर बैठ गए थे। जब सीजेएम ने पूछा कि आप लोग कैसे बैठे हैं तो महिला ने बताया कि वह संजीव की पत्नी है और साथ बैठे युवक ने खुद का परिचय संजीव के भाई प्रवीण के रूप में दिया। 

Sunday, May 11, 2014

मोदी के PM बनने के बारे में क्‍या सोचते हैं दुनिया के 5 देश

 भारत में 16 मई को होने वाली मतगणना के बाद बनने वाली नई सरकार को लेकर देश ही नहीं, बल्कि विदेश में भी काफी उत्‍सुकता है। नरेंद्र मोदी की अगुवाई में बीजेपी की सरकार बनने की संभावनाओं के कारण भी दूसरे देशों की दिलचस्पी हमारे चुनाव में बढ़ गई है।मोदी के पीएम बनने की संभावनाओं के बीच दुनिया के बड़े देशों की उनके बारे में राय बेहद अहम हो जाती है। 
2002 में हुए गुजरात दंगों के बाद अमेरिका ने 2005 में मोदी को यूएस वीजा देने से इनकार कर दिया था। हालांकि, 9 साल बाद 2014 में अमेरिकी राजदूत नैंसी पावेल की मोदी से मुलाकात को अमेरिकी नीति में उनको लेकर हुए बदलाव के तौर पर देखा गया। अमेरिका यह साफ कर चुका है कि वह भारत में चुनी गई किसी भी नई सरकार के साथ मिलकर काम करने को तैयार है। जानकार मानते हैं कि अमेरिका द्वारा मोदी से बैन हटाया जाना उसकी रणनीति का अगला कदम होगा। मोदी भी पहले ही साफ कर चुके हैं कि वह विदेशी मामलों में वाजपेयी के रास्‍तों पर चलेंगे, जो अमेरिका पर भी लागू होता है। असल दिक्‍कत है, अमेरिकी राष्‍ट्रपति बराक ओबामा की दुनिया के किसी भी हिस्‍से में नई भागेदारी बढ़ाने को लेकर उदासीनता। देश के आर्थिक उदारीकरण के मद्देनजर अमेरिका को बेहतर रिश्‍तों के लिए प्राेत्‍साहित करना मोदी के  पीएम बनने की दशा में उनके सामने बड़ी चुनौती होगी। 

मुलायम के खिलाफ लड़ रहे बीजेपी प्रत्‍याशी का एलान- बहे खून, जवाब दिया जाएगा

आजमगढ़ में चुनाव से ऐन एक दिन पहले रविवार को क्षेत्र के वर्तमान सांसद और बीजेपी प्रत्‍याशी रमाकांत यादव ने समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को चेतावनी दे डाली। रमाकांत ने कहा कि सोमवार को खून बहेगा। बता दें कि इस सीट से समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव चुनाव लड़ रहे हैं। उधर, इस बयान पर बीजेपी ने सफाई दी है।बीजेपी नेता तरुण विजय ने कहा है कि हम हिंसा में विश्‍वास नहीं करते। विजय के मुताबिक, रमाकांत यादव के बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया। 

वह बोले, 'अगर खून बहा तो ठीक है, यह भी देखा जाएगा।' बता दें कि समाजवादी पार्टी और बीजेपी, दोनों ने ही यहां एक दूसरे के खिलाफ चुनाव में गड़बड़ी फैलाने की शिकायत दर्ज कराई है। इससे पहले, दोनों पार्टियों के समर्थकों ने एक दूसरे पर धन बल के इस्तेमाल और वोटरों को धमकाने के आरोप भी लगा चुके हैं।   

पश्चिम बंगाल में मतदान के दौरान तृणमूल, माकपा कार्यकर्ताओं के बीच गोलीबारी, कई घायल

 लोकसभा चुनाव के नौवें और आखिरी चरण के तहत 41 सीटों पर वोटिंग चल रही है। इस चरण में उत्‍तर प्रदेश की 18, पश्चिम बंगाल की 17 और बिहार की छह सीटों पर मतदान हो रहा है। उत्‍तर प्रदेश के चंदौली में एक मतदान केंद्र के अंदर मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव की स्टिकर वाला लैपटॉप देखा गया। लाल रंग के बैकग्राउंड वाले इस स्टिकर पर लिखा हुआ है, 'पूरे होते सपने।' यह वही लैपटॉप है जिसे अखिलेश यादव की सरकार ने छात्रों को बांटा था। इस मामले पर भाजपा प्रवक्‍ता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मतदान केंद्र के भीतर लैपटॉप पर अखिलेश यादव की फोटो लगी होना, चुनाव आचार संहिता का उल्‍लंघन है। 

उधर, मतदान के दौरान पश्चिम बंगाल में हिंसा की खबर है। राज्‍य के उत्‍तरी 24 परगना जिले के हारूआ विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस और माकपा कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई। दोनों पक्षों की तरफ से की गई गोलीबारी में 20 से ज्‍यादा लोगों के घायल होने की खबर है।

Thursday, May 8, 2014

मोदी का तीखा वार- 'सपा, बसपा, कांग्रेस एक थाली में खाते हैं, मैडम परोसती हैं'

 भाजपा के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशीनरेंद्र मोदी गुरुवार को यूपी के आजमगढ़ और वाराणसी के रोहनिया में थे। उन्होंने इस दौरान चुनाव आयोग पर जोरदार हमले किए। यह भी कहा कि पिछले तीन चरणों में निष्पक्ष चुनाव कराने में चुनाव आयोग नाकाम रहा है। 

सपा, बसपा और कांग्रेस तीनों एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं। लखनऊ में कुश्ती करते हैं और दिल्ली में दोस्ती करते हैं। दिल्ली में सब एक ही थाली में खाना खाते हैं और मैडम परोसती हैं। पिछले दस साल में किसी का कोई भला नहीं हुआ है। दस साल में सिर्फ नेताजी (मुलायम) के परिवार का भला हुआ। मैंने कभी जाति-बिरादरी के आधार पर राजनीति नहीं की। अब लोग मेरे पीछे पड़ गए हैं कि मोदी है किस जाति का? मोदी मरना पसंद करता है, झूठ बोलना पसंद नहीं करता। झूठे आरोप मत लगाइए। मेरे जाति-बिरादरी पर झूठे आरोप मत लगाइए। क्यों देश को बांट रहे हो?
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आडवाणी, जोशी, उमा की बचाव में आया संघ, मुख्‍यालय में हो रही हैं गुप्‍त बैठकें?

भाजपा में किनारे लगाए गए नेताओं का महत्व कायम रखने की कवायद आरंभ हो गई है। लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के पहले संघ ने इस मामले में गृहकार्य आरंभ कर दिया है। संघ मुख्यालय में भाजपा के केंद्रीय नेताओं के आगमन के साथ इस तरह की चर्चा को बल मिल रहा है। बुधवार को पूर्व केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री मुरली मनोहर जोशी व सुब्रम्हण्यम स्वामी ने सरसंघचालक से मुलाकात कर लंबे समय तक चर्चा की।

उन्होंने यह भी कहा था कि मध्यप्रदेश का एक मंत्री उनके विरोध में षडय़ंत्र रच रहा है। यह भी बताया जा रहा है कि संघ व भाजपा में समन्वय के लिए कुछ नेताओं की भूमिका में बदलाव की तैयारी की जा रही है। चुनावी स्थितियों का आकलन भी किया जा रहा है।

बाजी मार ले जाएंगे मोदी, अजय राय नंबर दो और केजरीवाल आएंगे थर्ड

काशी में इस बार लोकसभा चुनाव का जो नजारा है, वह संभवत: पहले कभी नहीं दिखा। पहली बार किसीपार्टी के प्रधानमंत्री पद के घोषित उम्‍मीदवार (नरेंद्र मोदी) यहां से चुनाव लड़ रहे हैं। इसलिए इस सीट पर पूरे देश की नजर है। भाजपा, कांग्रेस और आप, तीनों ही पार्टियों ने यहां पूरी ताकत झोंक दी है। प्रचार के आखिरी चरण में नरेंद्र मोदी ने यहां गुरुवार को रोड शो किया और अरविंद केजरीवाल शुक्रवार को रोड शो कर रहे हैं। 
एक इंटरव्यू में अपने आकलन का आधार बताते हुए डॉ. मिश्रा कहते हैं, 'बनारस में तीन लाख मुस्लिम, तीन लाख ब्राह्मण, 1.5 लाख भूमिहार, एक लाख दलित, 70 हजार पटेल, 60 हजार नाविक/मछुआरे, 70 हजार गुजराती, एक लाख यादव व दो लाख अन्‍य मतदाता हैं। यहां जाति के आधार पर वोटों का ध्रुवीकरण कभी नहीं हुआ है, पर सांप्रदायिक आधार पर होता है। यह अजीब तरह का ध्रुवीकरण है। 1952 से 1991 तक यहां समाजवादी राम मनोहर लोहिया, राजनारायण या कांग्रेसी उम्‍मीदवार जीतते रहे। जब अयोध्‍या आंदोलन के चलते हिंदू मतदाताओं का ध्रुवीकरण हुआ तब से यह भाजपा का गढ़ बन गया।'
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Wednesday, May 7, 2014

दिल्ली में अगली सरकार की तैयारी तो गुजरात में सीएम की? जानिए कौन हैं दावेदार

 लोकसभा चुनाव आखिरी दौर की ओर है। हर कोई अब अगली लोकसभा के बारे में अनुमान लगा रहा है। इसी क्रम कई नेता अपनी आगे की राह चुनने में लगे हैं। 15-20 केंद्रीय मंत्रियों ने डायरेक्टॉरेट ऑफ इस्टेट को अपने सरकारी बंगले लौटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इनमें कई ऐसे नेता हैं जो चुनाव नहीं लड़ रहे हैं, तो कई ऐसे भी हैं जिन्हें शायद जीत का भरोसा नहीं। कारण चाहे जो भी हो, सभी अपनी आगे की राह बना रहे हैं।
उधर, यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी एनएसी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। बीजेपी खेमें में भी आगे की रणनीति बननी शुरू हो गई है। खबर है कि मोदी के बाद गुजरात के सीएम के लिए अमित शाह का नाम फाइनल हो गया है।वाराणसी में बीजेपी के लिए प्रचार कर रहे शाह को बधाई मिलनी भी शुरू हो गई है। हालांकि, एक खबर यह भी है कि अमित शाह को मुख्‍यमंत्री नहीं बनाकर वडोदरा लोकसभा सीट से लड़ाया जा सकता है। माना जा रहा है मोदी वाराणसी से अपनी जीत को लेकर आश्‍वस्‍त हैं और अगर वह वाराणसी व वडोदरा दोनों जगहों से जीतते हैं तो वडोदरा सीट छोड़ सकते हैं।  

Monday, May 5, 2014

ममता को घेरने में फिर गलतबयानी कर गए मोदी

रविवार को बांग्लादेश से आए मुस्लिमों के मुद्दे पर बीजेपी के पीएम कैंडिडेट नरेंद्र मोदी ने प.बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को निशाने पर लिया। आसनसोल में सभा के दौरान मोदी ने ममता पर करारे वार भी किए। उन्होंने गुजरात के मुसलमानों और बंगाल के मुसलमानों की स्थिति पर सच्चर कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कुछ आंकड़े भी सामने रखे, जो गुजरात के मुसलमानों का बेहतर स्थिति में होना दर्शाते हैं। इन आंकड़ों की मदद से मोदी ने सांप्रदायिकता बनाम विकास और गर्वनेंस की बात की।
 
मोदी के द्वारा रखे गए इन आंकड़ों की पड़ताल करें, तो पता चलता है कि गुजरात में अल्पसंख्यक समुदाय कुछ मामलों बंगाल के मुस्लिमों से बेहतर स्थिति में हैं, लेकिन कुछ मामलों में मोदी के आंकड़े सही नहीं है। एक तथ्‍य यह भी है कि जिन विषयों पर मोदी ने ममता को घेरने की कोशिश की है, उन आंकड़ों के लिए वे जिम्मेदार ही नहीं थी, क्योंकि उस वक्त उनकी सरकार बंगाल में नहीं थी।

Friday, May 2, 2014

मोदी के इंटरव्‍यू में हुई कांट-छांट, सूचना और प्रसारण मंत्री पर खड़े किए सवाल

 बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्‍मीदवार नरेंद्र मोदी द्वारा दूरदर्शन को दिए गए इंटरव्‍यू पर पैदा हुआ विवादथमने का नाम नहीं ले रहा है। इस इंटरव्‍यू के कई हिस्‍सों को काटने को लेकर विवाद मचा हुआ है। अब प्रसार भारती के सीईओ जवाहर सरकार ने भी स्‍वीकार कर लिया है कि इस इंटरव्‍यू से कई मुद्दों पर मोदी की बात को काट दिया गया है।
जवाहर सरकार ने इसके साथ ही इशारों में सूचना और प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी को आड़े हाथ लिया है और उन्‍हें दूरदर्शन की आजादी में खलल डालने का जिम्‍मेदार ठहराया है। हालांकि, तिवारी ने इन आरोपों का खंडन किया है। तिवारी का कहना है कि दूरदर्शन प्रसार भारती के अंतर्गत आता है, सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत नहीं।

लिव-इन' में रहेंगे 89 वर्षीय एनडी तिवारी, घर पर हुआ हाई वोल्टेज ड्रामा,

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता नारायण दत्त तिवारी के घर में फिर से जंग छिड़ गई है। शुक्रवार को उनके बेटे रोहित शर्मा की मां उज्ज्वला शर्मा अपने समर्थकों के साथ लखनऊ स्थित उनके घर पर पहुंच गईं। सुरक्षाबलों द्वारा उनको घर में आने से रोकने के बाद वह अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गईं। इसके बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो लोग गेट तोड़कर घर में घुस गए। बाद में एनडी तिवारी, भवानी भट्ट और उज्ज्वला शर्मा के बीच बातचीत के बाद मामला शांत हुआ। इस दौरान उज्ज्वला ने एनडी तिवारी के सामने लिव-इन रिलेशनशिप में रहने का प्रस्‍ताव दिया है।
वानी दत्त भट्ट ने आरोप लगाया है कि उज्जवला शर्मा ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी है। भट्ट ने कहा कि उज्जवला ने तिवारी के सामने लिव-इन रिलेशन में रहने का प्रस्ताव रखा। भट्ट का कहा कि यदि वे उस आवास में रहते हैं तो उनके ऊपर किसी भी तरह का बेतुका आरोप लग सकता है। ऐसे माहौल में वे तिवारी की देख-रेख और सुरक्षा करने में अपने आपको असमर्थ पा रहे हैं। इसलिए उन्होंने राज्य सरकार को अपना इस्तीफ़ा भेज दिया है। 

बताते चलें कि तिवारी ने हाल ही में कई सालों बाद सार्वजनिक रूप से स्‍वीकार किया था कि रोहित उनके बेटे हैं। कोर्ट ने भी रोहित को उनका बेटा बता दिया है। इसके बाद रोहित की मां भी अपना हक लेने के लिए सक्रिय हो गईं

शिवसेना ने मोदी के बहाने गुजरातियों पर साधा निशाना, 'वेश्‍या' से की तुलना

मुंबई. महाराष्‍ट्र में चुनाव खत्‍म होने के बाद बीजेपी की सहयोगी शिवसेना के तेवर बिलकुल बदले-बदले नजर आ रहे हैं। शिवसेना ने मोदी और बीजेपी के करीबी माने जाने वाले गुजराती समुदाय पर निशाना साधते हुए उनकी तुलना वेश्‍याओं से की है। पार्टी ने पूछा है कि राज्‍य में रह रहे मोदी समर्थकगुजराती व्‍यापारी महाराष्‍ट्र दिवस क्‍यों नहीं मनाते हैं। 
इन्‍होंने किसी वेश्‍या की तरह मुंबई का शोषण किया है। जो लोग यहां लोटा लेकर आए, उन्‍होंने यहां सोने की दुनिया बना ली। मुंबई में कमाई दौलत की ताकत से ये उद्योगपति देश की राजनीति को प्रभावित कर रहे हैं। वे योजना बना रहे हैं कि किसको पीएम बनना चाहिए और किसे गद्दी से उतार देना चाहिए। मोदी के नाम पर एकजुट होने वाले गुजराती और दूसरे व्यावसायिक समुदाय के लोगों को शिवाजी के महाराष्‍ट्र के नाम पर भी साथ आना चाहिए और महाराष्‍ट्र दिवस मनाना चाहिए।'