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Friday, May 16, 2014

नरेंद्र मोदी जनता को व्यवसायियों का चौकीदार बना देंगे: राहुल

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को भाजपा के पीएम पद के प्रत्याशी नरेन्द्र मोदी पर जमकर हमले किए। राहुल ने कहा-मोदी कहते हैं कि कांग्रेस ने 60 वर्षों में कुछ नहीं किया, मुझे चौकीदार बनाओ, मैं देश का विकास करूंगा। लेकिन, हकीकत यह है कि वे जनता को व्यवसायियों का चौकीदार बना देंगे। 
 नरेंद्र मोदी जनता को व्यवसायियों का चौकीदार बना देंगे: राहुल
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा गरीबों और किसानों को नहीं, सिर्फ पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाना चाहती है। राहुल गोपालगंज में सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान किसी धर्म, किसी जाति या किसी प्रदेश का नहीं, बल्कि सबका है। राहुल बोले-बिहार ने देश को रास्ता दिखाया है। कहा-भाजपा कहती है कि उसने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी है, जबकि एनडीए सरकार के वक्त आतंकी घटनाओं में 22 हजार लोग मारे गए। वहीं यूपीए शासनकाल में 800 लोग मारे गए हैं।

Thursday, May 15, 2014

XPERT ANALYSIS: The Common Man In Punjab Take To Marginalize Congress Party

भले ही आम आदमी पार्टी को देश के हिस्सों में निराशा मिली हो लेकिन पंजाब में अकाली दल और आप ने कांग्रेस को हाशिए पर धकेल दिया है। वर्तमान में अकाली दल चार सीटों खडूर साहिब, गुरदासपुर , होशियारपुर और अनंतपुर साहिब जबकि आम आदमी पार्टी पटियाला, संगरूर, फरीदकोट और फतेहगढ़ में आगे चल रही है। कांग्रेस पंजाब में जालंधर और अमृतसर सीट पर आगे चल रही है।
 EXPERT ANALYSIS: पंजाब में कांग्रेस को हाशिए पर ले गई आम आदमी पार्टी
पंजाब के वरिष्ठ पत्रकार और लेखक बलजिंद्र सिंह बलि आज हमारे साथ हैं। उनकी माने तो आम आदमी पार्टी के पंजाब में आने से अकाली भाजपा गठबंधन को फायदा हुआ है। पंजाब में आप की एंट्री जहां अकालियों के लिए जहां रामबाण साबित हुई वहीं दूसरी और वर्चस्व की लड़ाई लड़ रही कांग्रेस अब सकते में आ गई है। कांग्रेस के मुखिया प्रताप सिंह की चुनाव में नईया डूबने के बाद अब कांग्रेस को नए कप्तान की तलाश करनी ही होगी। अगर अमृतसर लोस चुनाव कैप्टन अमरिंद्र जीत जाते हैं तो वही कांग्रेस के सिंगल लाइन लीडरशिप होंगे।

भाजपा खेमे में बैठकों का दौर, कांग्रेस के पोस्‍टर से गायब हुए सोनिया-राहुल के नाम

नई दिल्‍ली. चुनाव नतीजों की घोषणा से पहले भाजपा खेमे में हलचल तेज हो गई है, जबकि कांग्रेस खेमे में घट रही घटनाओं और बयानबाजी से ऐसा लग रहा है जैसे पार्टी ने अभी से हार मान ली है। भाजपा खेमे की बात करें तो गुरुवार सुबह से ही भाजपा नेताओं की बैठकों का दौर शुरू हो गया। सुबह-सुबह ही अध्‍यक्ष राजनाथ सिंह ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की।
भाजपा खेमे में बैठकों का दौर, कांग्रेस के पोस्‍टर से गायब हुए सोनिया-राहुल के नामदूसरी ओर, कांग्रेस खेमे में सन्‍नाटा का माहौल है। पार्टी के मुख्‍यालय में भी कोई बड़ा नेता नहीं दिखा। मुख्‍यालय के लॉन में टेंट वगैरह लगाए जा रहे थे। 16 मई को मीडिया के लिए कियोस्‍क बनवाए जा रहे हैं। लेकिन, खास बात यह दिखी कि यहां लगाए गए बड़े-बड़े पोस्‍टर में राहुल  READ MORE

भाजपाइयों ने अभी से मोदी को बनाया 'पीएम', जयललिता ने तारीफ करने वाले नेता को निकाला

एग्जिट पोल के नतीजों के बाद भाजपा में एनडीए सरकार बनने को लेकर उत्‍साह इतना बढ़ गया है कि मेरठ में भाजपाइयों ने अभी से एक पोस्‍टर लगा दिया है, जिसमें नरेंद्र मोदी को पीएम घोषित कर दिया गया है। इसमें भाजपा नेताओं द्वारा जनता को 'नरेंद्र मोदी को पीएम बनाने के लिए हार्दिक बधाई' दी गई है। उधर, एआईएडीएमके और तेलंगाना राष्‍ट्र समिति जैसी पार्टियों ने एनडीए को समर्थन देने के मुद्दे पर सस्‍पेंस बरकरार रखा है।
भाजपाइयों ने अभी से मोदी को बनाया 'पीएम', जयललिता ने तारीफ करने वाले नेता को निकाला 
जयललिता ने पार्टी के सीनियर नेता के मलयसामी को बाहर का रास्‍ता दिखाया। मलयसामी ने ऐसे संकेत दिए थे कि जयललिता एनडीए को समर्थन दे सकती हैं। मलयसामी ने कहा था, 'नरेंद्र मोदी जयललिता के अच्‍छे मित्र हैं, भले ही दोनों के बीच राजनीतिक स्‍तर पर भिन्‍नता हो।   
आगे पढ़ें: 17 को दिल्‍ली में भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक, होगा मोदी का भव्‍य स्‍वागत

भाजपा अपने बूते लाएगी 235 सीटें, कांग्रेस को मिलेंगी महज 79

चुनावी नतीजे आने से पहले तमाम एग्जिट पोल में भाजपा और एनडीए गठबंधन को जबर्दस्‍त जीत मिलने की बात कही जा रही है। अब एनडीटीवी-हंसा रिसर्च ग्रुप की तरफ से किए गए एग्जिट पोल में भी यही बात दोहराई गई है। इसमें कहा गया है कि देश भर की 543 सीटों में से एनडीए को 279 सीटें मिल सकती हैं।
EXIT POLL : भाजपा अपने बूते लाएगी 235 सीटें, कांग्रेस को मिलेंगी महज 79 
इस एग्जिट पोल के मुताबिक, बीजेपी को अकेले दम पर 235 तक सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। वहीं कांग्रेस के पाले में 79 सीटें जाने की बात कही गई है। अगर वास्‍तव में ऐसा होता है तो यह कांग्रेस का अभी तक का सबसे खराब प्रदर्शन होगा। आगे की स्‍लाइड्स में देखें किस राज्‍य में किस पार्टी को कितनी सीटें

कौन करेगा मोदी की ताजपोशी- अम्मा, दीदी या बहनजी? समझिए

एग्जिट पोल के नतीजों से भारतीय जनता पार्टी प्रफुल्लित है। भाजपा नेता यह मान कर ही चल रहे हैं कि उनकी सरकार बनेगी। पोल भी इस ओर संकेत करते हैं कि भाजपा 2014 के लोकसभा चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी और नरेन्द्र मोदी देश के अगले प्रधानमंत्री हो सकते हैं। लेकिन अगर भाजपा और सहयोगी पार्टियां 272 का जादुई आंकड़ा छूने में असफल रही तो देश की तीन बड़ी महिला नेताओं की अगली of

लोकसभा चुनाव परिणाम से पहले ही एग्जिट पोल जयललिता की पार्टी एआईएडीएमके और ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के लिए अच्छे नतीजों की ओर संकेत कर रहे हैं। अगर भाजपा और सहयोगी दल 272 तक नहीं पहुंचते तो दोनों अगली सरकार में किंग मेकर की भूमिका निभा सकती हैं।

Wednesday, May 14, 2014

वाजयेपी से बड़े नेता बन जाएंगे माेदी? जानें दोनों के काम के तरीके में क्‍या है फर्क

चुनाव बाद हुए एग्जिट पोल के नतीजों के लिहाज से एनडीए को बहुमत मिलने और नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के पूरे आसार हैं। पोल की मानें तो 2014 में मोदी की अगुवाई में बीजेपी अपने चुनावी इतिहास में सबसे ज्यादा सीटें जीत सकती है। इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि मोदी के नेतृत्व में बीजेपी अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में लड़े गए 1998 के आम चुनाव के अपने अब तक के सबसे बेहतरीन आंकड़ों (182 लोकसभा सीट) को भी पार कर जाएगी। तो क्या मोदी बीजेपी के सबसे बड़े नेता बनने की तरफ कदम बढ़ा चुके हैं? क्या वह पूर्व प्रधानमंत्री और बीजेपी के अब तक के सबसे बड़े नेता माने गए अटल बिहारी वाजपेयी से भी ज्‍यादा कद्दावर साबित हो सकते हैं?

बीजेपी के भीतर पार्टी के सबसे कद्दावर नेता माने गए वाजपेयी की छवि 'विकास पुरुष' की तो उनके समकालीन नेता आडवाणी की छवि 'लौह पुरुष' की मानी जाती रही है। लेकिन मोदी के समर्थक कहते हैं कि उनके नेता टू-इन-वन हैं। समर्थकों की नजरों में मोदी विकास पुरुष भी हैं और लौह पुरुष भी। सपा के पूर्व हाई प्रोफाइल नेता और आरएलडी के टिकट पर फतेहपुर सीकरी से इस बार का लोकसभा चुनाव लड़ रहे अमर सिंह मोदी के बारे में कहते हैं, 'मोदी में अटल, आडवाणी और प्रमोद महाजन की छवि नजर आती है।' फिलहाल हम मोदी और वाजपेयी की तुलना उनकी शख्सियत और कामकाज के तरीके से कर सकते हैं।

अमेठी में बड़ी जीत को तरसेंगे राहुल गांधी, संभालेंगे विपक्ष के नेता की कुर्सी?

 चुनाव के बाद हुए एग्जिट पोल के मुताबिक, नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में एनडीए की सरकार तय मानी जा रही है। वहीं सत्ता से बेदखल होती दिख रही कांग्रेस ने अपने उपाध्यक्ष राहुल गांधी के लिए अगली भूमिका तकरीबन तय कर ली है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस ने राहुल को लोकसभा में विपक्ष का नेता बनाना लगभग तय कर लिया है। बता दें कि राहुल पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वह तीसरे मोर्चे को समर्थन देने के बजाय विपक्ष में बैठना ज्यादा पसंद करेंगे। कांग्रेस सूत्रों की मानें तो इसी बयान के साथ राहुल को विपक्ष का नेता बनाने की पृष्ठभूमि तैयार कर ली गई थी।

दूसरी तरफ, राहुल गांधी की इस बार अमेठी से जीत कमजोर पड़ सकती है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, राहुल की तीसरी बार जीत तो तय है, लेकिन वोट मार्जिन काफी कम हो सकता है। उधर, कांग्रेस नेताओं ने राहुल को हार की जिम्मेदारी से बचाने के लिए बयानबाजी तेज कर दी है। उनका कहना है कि जो भी जनमत आएगा वो सरकार के कामकाज पर निर्भर होगा, न कि पार्टी के प्रदर्शन पर।

मोदी को PM नहीं बनने देना है इन 10 नेताओं का मकसद,

लोकसभा चुनाव खत्म हो चुके हैं और अब बस नतीजों का इंतजार है। तमाम एग्जिट पोल की मानें तो नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत आसानी से हासिल कर लेगा। हालांकि, मोदी की राह इतनी आसान नहीं, जितनी दिख रही है। भारतीय राजनीति में ऐसे कई धुरंधर हैं, जो मोदी का रास्‍ता रोकने के लिए हर मुमकिन कोशिश करेंगे।

कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस पार्टी की कमान पूरी तरह अपने हाथ में रखी। इन चुनावों में लड़ाई भी स्पष्ट तौर पर कांग्रेस और भाजपा के बीच ही थी, तो निश्चित तौर पर कांग्रेस और राहुल गांधी कतई नहीं चाहेंगे कि भाजपा या मोदी सरकार बनाने में कामयाब हो जाएं। राहुल गांधी ने तीसरे मोर्चे की सरकार बनने की संभावना पर समर्थन न देने की बात भले ही कही है, लेकिन अतीत में यह पार्टी ऐसा करती आई है। इसके अलावा, पूरे चुनावी कैंपेन में बीजेपी के पीएम पद के प्रत्‍याशी नरेंद्र मोदी ने राहुल गांधी को खास तौर पर निशाना बनाया। ऐसा करके मोदी ने खुद राहुल को अपना सीधा प्रतिद्वंद्वी बना लिया है। ऐसे में राहुल मोदी को रोकने के लिए हर मुमकिन कोशिश करेंगे, यह मानने में कोई संदेह नहीं होना चाहिए।
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Sunday, May 11, 2014

मोदी के PM बनने के बारे में क्‍या सोचते हैं दुनिया के 5 देश

 भारत में 16 मई को होने वाली मतगणना के बाद बनने वाली नई सरकार को लेकर देश ही नहीं, बल्कि विदेश में भी काफी उत्‍सुकता है। नरेंद्र मोदी की अगुवाई में बीजेपी की सरकार बनने की संभावनाओं के कारण भी दूसरे देशों की दिलचस्पी हमारे चुनाव में बढ़ गई है।मोदी के पीएम बनने की संभावनाओं के बीच दुनिया के बड़े देशों की उनके बारे में राय बेहद अहम हो जाती है। 
2002 में हुए गुजरात दंगों के बाद अमेरिका ने 2005 में मोदी को यूएस वीजा देने से इनकार कर दिया था। हालांकि, 9 साल बाद 2014 में अमेरिकी राजदूत नैंसी पावेल की मोदी से मुलाकात को अमेरिकी नीति में उनको लेकर हुए बदलाव के तौर पर देखा गया। अमेरिका यह साफ कर चुका है कि वह भारत में चुनी गई किसी भी नई सरकार के साथ मिलकर काम करने को तैयार है। जानकार मानते हैं कि अमेरिका द्वारा मोदी से बैन हटाया जाना उसकी रणनीति का अगला कदम होगा। मोदी भी पहले ही साफ कर चुके हैं कि वह विदेशी मामलों में वाजपेयी के रास्‍तों पर चलेंगे, जो अमेरिका पर भी लागू होता है। असल दिक्‍कत है, अमेरिकी राष्‍ट्रपति बराक ओबामा की दुनिया के किसी भी हिस्‍से में नई भागेदारी बढ़ाने को लेकर उदासीनता। देश के आर्थिक उदारीकरण के मद्देनजर अमेरिका को बेहतर रिश्‍तों के लिए प्राेत्‍साहित करना मोदी के  पीएम बनने की दशा में उनके सामने बड़ी चुनौती होगी। 

मेरठ में सांप्रदायिक हिंसा के बाद स्कूल बंद, सियासत शुरू,

मेरठ में शनिवार को हुई सांप्रदायिक झड़प के बाद वहां प्रशासन ने स्‍कूलों में छुट्टि‍यां घोषि‍त कर दी है। साथ ही सि‍यासत भी शुरू हो गई है। मेरठ में तनाव के मद्देनजर डीएम ने सोमवार को कक्षा 12 तक के सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूल-कॉलेजों की छुट्टी घोषित कर दी है। अब स्कूल 15 मई को खुलेंगे। स्कूलों में 13 मई को हजरत अली जन्मदिवस और 14 मई को बुद्ध पूर्णिमा का पहले से ही सार्वजनिक अवकाश है।

शनिवार को मेरठ में हुई सांप्रदायिक झड़प के बाद माहौल फिलहाल शांत है। गौरतलब है कि हिंसा में 50 से ज्‍यादा लोग घायल हुए हैं। इलाके में भारी तादाद में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। दूसरी जगहों से भी सुरक्षा बलों को बुलाया गया है। हालात की समीक्षा के लिए प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी मेरठ (यूपी) पहुंचे हैं। जांच के बाद वह मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव को रिपोर्ट देंगे। झड़प के सिलसिले में कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इन पर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप है।

मुलायम के खिलाफ लड़ रहे बीजेपी प्रत्‍याशी का एलान- बहे खून, जवाब दिया जाएगा

आजमगढ़ में चुनाव से ऐन एक दिन पहले रविवार को क्षेत्र के वर्तमान सांसद और बीजेपी प्रत्‍याशी रमाकांत यादव ने समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को चेतावनी दे डाली। रमाकांत ने कहा कि सोमवार को खून बहेगा। बता दें कि इस सीट से समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव चुनाव लड़ रहे हैं। उधर, इस बयान पर बीजेपी ने सफाई दी है।बीजेपी नेता तरुण विजय ने कहा है कि हम हिंसा में विश्‍वास नहीं करते। विजय के मुताबिक, रमाकांत यादव के बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया। 

वह बोले, 'अगर खून बहा तो ठीक है, यह भी देखा जाएगा।' बता दें कि समाजवादी पार्टी और बीजेपी, दोनों ने ही यहां एक दूसरे के खिलाफ चुनाव में गड़बड़ी फैलाने की शिकायत दर्ज कराई है। इससे पहले, दोनों पार्टियों के समर्थकों ने एक दूसरे पर धन बल के इस्तेमाल और वोटरों को धमकाने के आरोप भी लगा चुके हैं।   

पश्चिम बंगाल में मतदान के दौरान तृणमूल, माकपा कार्यकर्ताओं के बीच गोलीबारी, कई घायल

 लोकसभा चुनाव के नौवें और आखिरी चरण के तहत 41 सीटों पर वोटिंग चल रही है। इस चरण में उत्‍तर प्रदेश की 18, पश्चिम बंगाल की 17 और बिहार की छह सीटों पर मतदान हो रहा है। उत्‍तर प्रदेश के चंदौली में एक मतदान केंद्र के अंदर मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव की स्टिकर वाला लैपटॉप देखा गया। लाल रंग के बैकग्राउंड वाले इस स्टिकर पर लिखा हुआ है, 'पूरे होते सपने।' यह वही लैपटॉप है जिसे अखिलेश यादव की सरकार ने छात्रों को बांटा था। इस मामले पर भाजपा प्रवक्‍ता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मतदान केंद्र के भीतर लैपटॉप पर अखिलेश यादव की फोटो लगी होना, चुनाव आचार संहिता का उल्‍लंघन है। 

उधर, मतदान के दौरान पश्चिम बंगाल में हिंसा की खबर है। राज्‍य के उत्‍तरी 24 परगना जिले के हारूआ विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस और माकपा कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई। दोनों पक्षों की तरफ से की गई गोलीबारी में 20 से ज्‍यादा लोगों के घायल होने की खबर है।

Thursday, May 8, 2014

मोदी का तीखा वार- 'सपा, बसपा, कांग्रेस एक थाली में खाते हैं, मैडम परोसती हैं'

 भाजपा के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशीनरेंद्र मोदी गुरुवार को यूपी के आजमगढ़ और वाराणसी के रोहनिया में थे। उन्होंने इस दौरान चुनाव आयोग पर जोरदार हमले किए। यह भी कहा कि पिछले तीन चरणों में निष्पक्ष चुनाव कराने में चुनाव आयोग नाकाम रहा है। 

सपा, बसपा और कांग्रेस तीनों एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं। लखनऊ में कुश्ती करते हैं और दिल्ली में दोस्ती करते हैं। दिल्ली में सब एक ही थाली में खाना खाते हैं और मैडम परोसती हैं। पिछले दस साल में किसी का कोई भला नहीं हुआ है। दस साल में सिर्फ नेताजी (मुलायम) के परिवार का भला हुआ। मैंने कभी जाति-बिरादरी के आधार पर राजनीति नहीं की। अब लोग मेरे पीछे पड़ गए हैं कि मोदी है किस जाति का? मोदी मरना पसंद करता है, झूठ बोलना पसंद नहीं करता। झूठे आरोप मत लगाइए। मेरे जाति-बिरादरी पर झूठे आरोप मत लगाइए। क्यों देश को बांट रहे हो?
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जानिए मोदी द्वारा पैर छूने के बाद सुर्खियों में आए 116 साल के निजामुद्दीन के बारे में

बीजेपी के पीएम प्रत्याशी नरेंद्र मोदी ने काशी में नेता जी सुभाषचंद्र बोस के बॉडीगार्ड रह चुके निजामुद्दीन (116) के पैर छुए। उन्होंने मंच से भी उनके प्रति सम्मान जताया। उन्होंने कहा कि कर्नल 50 किमी दूर से चलकर उनको आशीर्वाद देने आने आए हैं। यह उनके लिए गर्व की बात है। नेताजी ने देश के लिए जो सपना देखा था, उसे वह पूरा करेंगे। 

वह नेताजी के साथ 12 सिलेंडर वाली गाड़ी चलाते थे। पत्नी अंजबुन निशा से उनकी मुलाकात बर्मा में हुई थी। बुजुर्ग हो चले कर्नल निजामुद्दीन के चार पुत्रों में अख्तर अली 87 वर्ष, अनवर अली 84 वर्ष और मोहम्मद अकरम 54 वर्ष के हैं। सबसे छोटा पुत्र असरफ की बीमारी से पहले ही मौत हो चुकी है। निजामुद्दीन ने बताया कि बर्मा में छितांग नदी के पास अगस्त 1947 को नेताजी सुभाषचंद्र बोस को छोड़ा था। उसके बाद से उनसे आज तक मुलाकात नहीं हुई।

आडवाणी, जोशी, उमा की बचाव में आया संघ, मुख्‍यालय में हो रही हैं गुप्‍त बैठकें?

भाजपा में किनारे लगाए गए नेताओं का महत्व कायम रखने की कवायद आरंभ हो गई है। लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के पहले संघ ने इस मामले में गृहकार्य आरंभ कर दिया है। संघ मुख्यालय में भाजपा के केंद्रीय नेताओं के आगमन के साथ इस तरह की चर्चा को बल मिल रहा है। बुधवार को पूर्व केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री मुरली मनोहर जोशी व सुब्रम्हण्यम स्वामी ने सरसंघचालक से मुलाकात कर लंबे समय तक चर्चा की।

उन्होंने यह भी कहा था कि मध्यप्रदेश का एक मंत्री उनके विरोध में षडय़ंत्र रच रहा है। यह भी बताया जा रहा है कि संघ व भाजपा में समन्वय के लिए कुछ नेताओं की भूमिका में बदलाव की तैयारी की जा रही है। चुनावी स्थितियों का आकलन भी किया जा रहा है।

ममता ने कहा- भाजपा गिड़गिड़ाएगी तो भी नहीं दूंगी

भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्‍मीदवार नरेंद्र मोदी ने स्‍वीकार किया है कि चुनावों के बाद अगर जरूरत पड़ी तो सरकार बनाने के लिए ममता बनर्जी, जयललिता और नवीन पटनायक जैसे नेताओं की मदद ली जा सकती है। उधर, तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी ने चुनाव बाद भाजपा से गठबंधन की बात से साफ इनकार कर दिया है। ममता का कहना है कि अगर भाजपा समर्थन के लिए गिड़गिड़ाएगी तब भी वह ऐसा नहीं करेंगी। साथ ही ममता ने यह भी दावा किया किभाजपा के नेतृत्‍व में एनडीए गठबंधन को बहुमत नहीं मिल पाएगा।


मोदी का यह भी कहना है कि चुनाव प्रचार के दौरान वह इन नेताओं पर जिस तरह हमला करते हैं, उससे यह मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए कि इनसे चुनाव के बाद गठबंधन के दरवाजे बंद हो चुके हैं। मोदी ने संकेत दिए हैं कि इन नेताओं पर उनके हमले रणनीति का हिस्‍सा हैं। एक अंग्रेजी न्‍यूज चैनल को दिए इंटरव्‍यू में मोदी ने ये बातें कहीं।

बाजी मार ले जाएंगे मोदी, अजय राय नंबर दो और केजरीवाल आएंगे थर्ड

काशी में इस बार लोकसभा चुनाव का जो नजारा है, वह संभवत: पहले कभी नहीं दिखा। पहली बार किसीपार्टी के प्रधानमंत्री पद के घोषित उम्‍मीदवार (नरेंद्र मोदी) यहां से चुनाव लड़ रहे हैं। इसलिए इस सीट पर पूरे देश की नजर है। भाजपा, कांग्रेस और आप, तीनों ही पार्टियों ने यहां पूरी ताकत झोंक दी है। प्रचार के आखिरी चरण में नरेंद्र मोदी ने यहां गुरुवार को रोड शो किया और अरविंद केजरीवाल शुक्रवार को रोड शो कर रहे हैं। 
एक इंटरव्यू में अपने आकलन का आधार बताते हुए डॉ. मिश्रा कहते हैं, 'बनारस में तीन लाख मुस्लिम, तीन लाख ब्राह्मण, 1.5 लाख भूमिहार, एक लाख दलित, 70 हजार पटेल, 60 हजार नाविक/मछुआरे, 70 हजार गुजराती, एक लाख यादव व दो लाख अन्‍य मतदाता हैं। यहां जाति के आधार पर वोटों का ध्रुवीकरण कभी नहीं हुआ है, पर सांप्रदायिक आधार पर होता है। यह अजीब तरह का ध्रुवीकरण है। 1952 से 1991 तक यहां समाजवादी राम मनोहर लोहिया, राजनारायण या कांग्रेसी उम्‍मीदवार जीतते रहे। जब अयोध्‍या आंदोलन के चलते हिंदू मतदाताओं का ध्रुवीकरण हुआ तब से यह भाजपा का गढ़ बन गया।'
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Wednesday, May 7, 2014

आजाद भारत में पहली बार होगा इतना मतदान, जानें कैसे टूटेगा 1984 का रिकॉर्ड

लोकसभा चुनाव 2014 में मतदान के अब तक के सभी रिकॉर्ड ध्वस्त होने की पूरी संभावना नजर आ रही है। अभी तक आठ चरणों की वोटिंग पूरी हो चुकी है और एक चरण का मतदान बाकी है। इन आठ चरणों में 502 लोकसभा सीटों के लिए 66.2 प्रतिशत के करीब वोटिंग हुई है। इस बार वोटिंग प्रतिशत में बढ़ोतरी के कई मायने लगाए जा रहे हैं।ज्‍यादातर विशेषज्ञ जहां इसे एंटी इंकम्‍बैंसी और बदलाव के तौर पर देख रहे हैं वहीं कई लोगों का कहना है कि चुनाव आयोग की तरफ से  उठाए गए कदमों की वजह से ऐसा हुआ है।

आठवें चरण के तहत कुल 59.7 करोड़ वोटर मताधिकार का इस्‍तेमाल कर चुके हैं जो 2009 के चुनाव के मुकाबले काफी अधिक है। गौरतलब है कि 2009 में 41 करोड़ लोगों ने वोट दिया था। अब तक के मतदान प्रतिशत पर गौर करें तो इस बार 1984 के 64 फीसदी मतदान का रिकॉर्ड भी टूट सकता है। इस चरण में पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश में सबसे ज्‍यादा वोटिंग हुई। बंगाल में जहां वोटिंग का आंकड़ा 81.28 प्रतिशत रहा वहीं आंध्र में यह 76.01 फीसदी के करीब रहा।

नरेंद्र मोदी ने मां गंगा से मांगी माफी, केजरीवाल ने दी बहस की चुनौती

बीजेपी के पीएम पद के प्रत्‍याशी नरेंद्र मोदी को वाराणसी के बेनियाबाग में रैली की मंजूरी न मिलने के विरोध में गुरुवार को बीजेपी नेता अरुण जेटली और अमित शाह धरने पर बैठेंगे। धरना-प्रदर्शन वाराणसी और नई दिल्‍ली दोनों जगह होगा। बता दें कि मोदी के यहां 3 कार्यक्रम प्रस्तावित थे। बेनियाबाग में रैली, गंगा आरती में जाना और रोहनिया ग्रामीण क्षेत्र में सभा। लेकिन कलेक्टर ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बेनियाबाग में रैली की इजाजत नहीं दी। उधर, नरेंद्र मोदी बुधवार को वाराणसी पहुंच रहे हैं। शाम 4 बजे से वह बेनियाबाग की रैली को संबोधित करेंगे। उधर, राहुल गांधीभी 10 मई को यहां एक रोडशो में शामिल होंगे। 
केजरीवाल ने दी चुनौती 
उधर, वाराणसी में मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे केजरीवाल ने मोदी पर निशाना साधा। केजरीवाल ने ट्वीट करके कहा कि मोदी को गंगा आरती के लिए इजाजत दे दी गई थी। इसके बावजूद, मोदी आरती में न शामिल होकर राजनीतिक फायदा उठा रहे हैं। केजरीवाल ने मोदी को वाराणसी में आमने सामने बहस करने की भी चुनौती दी। केजरीवाल ने कहा कि वाराणसी के लोगों को हम दोनों से आमने-सामने सवाल पूछने दिए जाएं। मोदी इसके लिए जगह और वक्‍त खुद तय करें।